कटहल खाने के नुकसान – भारत के किसानों द्वारा उगाए गए कटहलो में दो वैरायटी ज्यादा खास हैं, एक शंकरा और दूसरा सिद्दू जैकफ्रूट, जिन्हे बागवानी अनुसंधान संस्थान के द्वारा विदेशो में भेजा जाता है, जिनका 75 प्रतिशत प्रॉफिट किसानों को दिया जाता है और 25 प्रतिशत संस्थान को मिलता है.

Kathal the uncle hong jackfruit variety is best for taste. The uncle hong jackfruit breed is mostly available in Malaysia. Due to its flavor uncle hong jackfruit’s price is always higher. So if you want to know the best jackfruit variety then uncle hong jackfruit is the real winner. But still depends on individual taste and flavor which you like most.

आपको जानकर हैरानी होगी कि ‘अंकल हॉन्ग’ कटहल का भारत में कोई नामों निशान नहीं है. इसलिए ये भारतीय किसानो के लिए एक यूनिक आईडिया भी हो सकता है। Uncle Hong’s का Seed भारत में है कि नहीं इस बारे में भी पता करना होगा।

अगर आप कटहल की फसल करते है तो आपको अपने पास के कृषि केंद्र से इसके बारे में जरूर पता करना चाहिए।

इस कटहल को मलेशिया में NANGKA के नाम से जाना जाता है। इसे मलेशिया में एक Commercial फसल के रूप में उगाया गया था। मलेशिया में अधिकांश कटहल मुख्य तने और शाखा पर फूल और फल पैदा करते हैं। कटहल का आहार स्टार्चयुक्त, रेशेदार और फाइबर का स्रोत होता है।

The Uncle Hong jackfruit का स्वाद –

इसका स्वाद एक पके हुए केले जैसा होता है। जो बेहतरीन खुशबूदार होता है

The Uncle Hong कटहल उगाने के लिए उपयुक्त स्थान –

यह कटहल रेतीली दोमट मिट्टी और उचित जल निकासी व्यवस्था के साथ उगाने के लिए उपयुक्त है। कटहल का पेड़ लगाने के लिए इसके रोपण की दूरी 9-10 मीटर होनी चाहिए, अर्थात 123 पेड़ प्रति हेक्टेयर या 3-4 बीघे में लगाना होता है। लेकिन ध्यान रहे यदि इसकी जड़ पानी के नीचे 4 घंटे से अधिक समय तक डूबी रहे तो कटहल का पेड़ वहां नहीं उग सकता है।  Kathal: A Jackfruit Mystery movie भी इसी The Uncle Hong kathal के बारे में है। इसको आप ऑनलाइन Download और देख सकते है।

लेकिन कभी भी कटहल में फल लगने की दवा का इस्तेमाल कभी न करे। इससे आपका कटहल की खेती से मुनाफा नहीं बढ़ेगा बल्कि कटहल का पेड़ ख़राब हो जायेगा। इसलिए आपको बारहमासी कटहल की खेती करनी चाहिए। बारहमासी कटहल का पौधाआपके जिले की नर्सरी में आराम से मिल जायेगा। बारहमासी कटहल से अधिक मुनाफा होता है। कटहल का पेड़ रोपाई के बाद 3-4 साल बाद पैदावार देना आरंभ कर देता है।

कटहल की किस्म की प्रमुख किस्में रसदार, खजवा, सिंगापुरी, गुलाबी, रुद्राक्षी आदि हैं। कटहल का पेड़ कभी भी घर आँगन में नहीं लगाना चाहिए, यहाँ ये शुभ नहीं अशुभ होता है, लड़ाई झगड़ा आम बात हो जाती है।

कटहल खाने के नुकसान –

हम जानते है कि कटहल एक स्वादिष्ट और पौष्टिक फल है, लेकिन इसके अधिक मात्रा में सेवन से कुछ नुकसान भी हो सकते हैं।

इसलिए यहाँ कुछ संभावित नुकसान दिए गए हैं –

  • कटहल में उच्च फाइबर और रेशे होते हैं, जो पाचन में समस्या पैदा कर सकते हैं, जैसे कि गैस, दर्द और दस्त।
  • कुछ लोगों को कटहल से एलर्जी हो सकती है, जिससे त्वचा पर चकत्ते, खुजली और सूजन हो सकती है।
    कटहल में उच्च मात्रा में शर्करा होती है, जो रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकती है, जिससे मधुमेह रोगियों (sugar patient) को समस्या हो सकती है।
  • कटहल में उच्च कैलोरी होती है, जो वजन बढ़ने का कारण बन सकती है।
  • गर्भवती महिलाओं को कटहल का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि इसमें उच्च मात्रा में विटामिन ए होता है, जो गर्भस्थ शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है।
  • कटहल में पोटैशियम की उच्च मात्रा होती है, जो रक्तचाप को बढ़ा सकती है।
  • कटहल में ऑक्सलेट होता है, जो शरीर में खनिजों की कमी का कारण बन सकता है।

यह ध्यान रखें कि कटहल के नुकसान अधिक मात्रा में सेवन से होते हैं। मध्यम मात्रा में सेवन करने से कटहल के फायदे अधिक और नुकसान कम होते हैं। और कभी कभी सेवन करने से फायदे ही मिलेंगे। लेकिन sugar patient को अपना ध्यान रखना चाहिए।


FAQs –

Q1: कटहल की सबसे अच्छी किस्म कौन सी है?

A1: “सर्वश्रेष्ठ” कटहल की किस्म का निर्धारण हर व्यक्ति के अपने स्वादानुसार हो सकता है हालांकि, अपने स्वाद और बनावट के लिए जानी जाने वाली कटहल की कुछ लोकप्रिय किस्मों में अंकल होन्ग, सीलोन, ब्लैक गोल्ड, गोल्डन नगेट और एनएस1 किस्में शामिल हैं।

Q2: कटहल की सबसे मीठी किस्म कौन सी है?

A2: सबसे मीठे कटहल की किस्म को अक्सर हनी गोल्ड कटहल माना जाता है। यह अपने असाधारण मीठे स्वाद और सुगंधित सुगंध के लिए जाना जाता है। अन्य मीठी किस्मों में अंकल होन्ग, सरदार, मुल्लानल और चक्का वरिक्का किस्में शामिल हैं।

Q3: क्या कटहल 2 प्रकार के होते हैं?

A3: हाँ, आमतौर पर कटहल दो प्रकार के होते हैं: मीठा और स्टार्चयुक्त।

पके होने पर मीठे किस्म का फल के रूप में सेवन किया जाता है और इसमें मीठा, उष्णकटिबंधीय स्वाद होता है। स्टार्च वाली किस्म का उपयोग अक्सर सब्जी के रूप में किया जाता है जब वह कच्ची होती है और उसका स्वाद हल्का होता है । हालांकि अलग-अलग विशेषताओं वाली कई किस्में और किस्में हैं।

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